Monday, 26 August 2013


बूढ़ी दाई के कहिनी -  मूलकथा मराठी में श्री खालिद सैयद द्वारा लिखित पुस्तक ''कथा आजीच्या ''का अनुवाद है लेखक के विशेष अनुरोध पर छत्तीस गढ़ की कथा लेखिका द्वारा ''बूढी दाई के कहिनी ''नाम से उनकी पुस्तक का छत्तीसगढ़ी भाषा में अनुदित है   
{गियान के जोत-  छोटी छोटी बोध कथाएं ज्ञान के प्रकाश स्तम्भ  की तरह दूर तक ज्ञान का प्रकाश बिखेर कर जनमानस के मन का अंधकार मिटाती हैं महान और परोपकारी लोगों के जीवन की छोटी घटनाएँ भी सामान्य जन को प्रभावी ढंग से बड़ी सीख दे जाती हैं !



** आलेख मणिका ** समय परिवर्तनशील है मानवीय क्रियाकलाप एवम भावनायें  प्रभावित होती है Iजीवन में सुख दुःख, हँसी खुशी, प्रेम, करुणा, घृणा के भाव लाता है उसी के अनुसार व्यक्ति परिवार और समाज का जीवन संचालित होता हैI जीवन के इन्ही घटनाओं पर  आधारित  आलेख की मणिकाओ का इस पुस्तक में संचित किया गया हैI


० लोक कथाएं ० लोक संस्कृति की आधार होती है ये शिक्षा,सभ्यता,संस्कारों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में हंस्तारित करती है लोगो का मनोरंजन करती है,और हर क्षेत्र की अलग अलग लोक मान्यताये होती है छत्तीसगढ़ी लोक कथाओ मे इस प्रान्त की माटी की सुगंध लिए हुए हैI




]ममा दाई के किस्सा]- छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है I कहावत है कि '' छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया " नवोदित राज्य छत्तीसगढ़ अपनी सहजता, सादगी, अपनत्व औरआत्मीयता के लिये जाना जाता हैIयहाँ की संस्कृति का मूलआधार यहाँ के लोकगीत,लोककथाएं,लोक पर्व आदि हैI बच्चों को अपनी नानी से ख़ास लगाव् होता हैI ममा दाई के क़िस्सा अर्थात नानी की कहानी 



a अनुप्रिया b - संकल्प के साथ अपनी पारिवारिक जिमेदारी को निभाते हुए हमारी लायनेस बहनों ने समाज सेवा के पथ पर मजबूती से कदम रखा है यह पत्रिका उनके कार्यों का आईना  है इस पत्रिका के संपादन की जिम्मेदारी डा. चन्द्रावती नागेश्वर ने बड़ी कुशलता से पूर्ण किया है




ª जिंदगी की मशाल ª - बस --- अब और नहीं ----- दुख परेशानी, निराशा को ठौर नहीं. यह पुस्तक को पढ़िये और पढाइए जिंदगी की मशाल है आप के लिए थाम लीजिये, थमा दीजिए सफलता आप के पाव चूमेगी कदम तो बढाइये




ƒ©सफलता के सात मंत्र ©  - जीवन मे हर व्यक्ति सफलता पाना चाहता है लेकिन सभी को सफलता नहीं मिलती आइये हम आप को सफलता के मंत्र बताते है. जिनका जाप करके आप सफलता की मंजिल पा सकते है.



¬वासंतक ¬ -  नवभारत सहित अनेक प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओ में प्रकाशित 35 कहानियों का संग्रह हैं जीवन के विविध प्रसंगों, संदर्भों घटनाओं , त्योहारों  और परमपराओ के साथ आंचलिकता को केंद्रस्थ कर के लिखी गई ये कहानियाँ अपने आसपास से लिए गए जीवंत चरित्रों से ओतप्रोत हैं ये कहानियाँ उद्देश्य पूर्ण रोचक और शिक्षा प्रद हैं




] कृति मंजूषा 1 ] - इसमें पुस्तक में कृति नारी साहित्य समिति कोरबा की रचनाकर नारियों के विचार दीप दूर तक अपनी ज्योति बिखेरते हुए साहित्य गंगा में अपना हिस्सा अंजुरी में भरकर प्रवाहित कर रहीं हैं। कई नई रचनाकर बहनें अपने हाथों में कलम की बाती ले कर कृतियों के दीप जला कर ज्योति पथिक बनने को आतुर हैं


{ कृति मंजूषा 2 { - इसमें कविता के कई कंगन, कथाओं के हार, आलेखों के कर्णफूल और संस्मरणों की मुद्रिकाए संग्रहित  हैं  रचना के क्षेत्र में कुछ नविना हैं, तो कुछ प्रवीना हैं॰ लेखन की दिशा में कदम बढ़ाती इन नारियों को साहित्य प्रेमियों के आशीर्वाद का दीप चाहिए  








Ë काव्य त्रिधारा Ë -  कृति नारी साहित्य समिति कोरबा की तीन कवित्रियों की चुनिंदा रचनाएँ इस पुस्तक में संग्रहित हैं । इसका सम्पादन समिति की अध्यक्षा डा. चंद्रावती नागेश्वर ने किया हैं। साहित्य गंगा में अपनी भावनाओं की अंजुरी से काव्यार्पण करती हैं. 






z मेरे आँगन की धूप z - सर्दी के मौसम में आँगन पसरी धूप हमारे लिए खास महत्व रखती है. धुंध – कोहरे से घिरे मौसम में जब सूर्य की किरण हमारे आँगन तक आती हैं तो हमारे तन मन को अनुप्राणित कर जाती हैं मन के आँगन में धूप का छोटा सा टुकड़ा आ कर ठहर जाता है उसकी ऊर्जा और ऊष्मा कविता का रूप लेकर इस पुस्तक में संग्रहित है






सप्तक 2 - छतीसगढ़ अंचल में प्रारम्भ से ही साहित्य की धारा प्रवाहित होती आई है । वर्तमान में अनेक कवि – कवयित्रियाँ लगातार अच्छी रचनाएँ लिख रहे है उन्ही में से सात रचनाकारों की दस – दस रचनाएँ इसमें संकलित है जिंदगी व संवेदना से सरोकार है, सप्तक कवियों का यही आधार है



Ø छतीसगढ़ के लोकाचार की कथाएँ × - छतीसगढ़ के लोकाचार यहा की जनता को संस्कारित करने का सहज, सशक्त, प्रभावी और प्रबल माध्यम है। उन्हीं लोकाचारों को छोटी छोटी कहानियों मे गूँथ कर रोचक और आकर्षक बनाया गया है। अपने ढंग की यह अनूठी पुस्तक है। 





पुराण के गोठ - प्राचीन काल से कथा कहानियाँ शिक्षा का अच्छा माध्यम रहा है। वेद पुराण ज्ञान के सागर है । छत्तीसगढ़ की ग्रामीण जनता को शिक्षित और संस्कारित करने के लिये उन्हीं की भाषा में पुरानो की कहानियों का सरल अनुवाद कर पच्चीस कहानियों को इस पुस्तक को संग्रहित किया गया है


© दुलारी की वापसी © - विभिन्न परिवेशों को उभारते हुए अनेक क्षेत्रों की जीवंत समस्यों को रेखांकित करते हुए उनका उचित समाधान इस एकांकी संकलन मे दिया गया है इन एकांकियों मे ग्रामीण, शहरी, शिक्षित, अशिक्षित सभी वर्ग के पात्र है। लुप्त प्राय होती एकांकी विधा को पुनर्जीवित करने का सार्थक प्रयास है यह पुस्तक ।


µ अनाम रिश्ता µ - इस पुस्तक में लोगों द्वारा सताई गई एक अनपढ़ महिला की व्यथा-कथा हैं, जो दयालु शिक्षित महिला की सहायता और सूझ बूझ से अपना जीवन संवारती है उन दोनों के बीच एक अनाम रिशता बन जाता है






ÿप्रेमचंद के उपन्यासों में नारी अस्मिता ÿ - अस्मिता का अर्थ हैं अस्तित्व या विद्यमान होना प्रेमचंद के युग में नारी शोषण अपनी पराकाष्ठा में था उन्होने नारी की आत्मा के दर्द को महसूस किया अपने आसपास के परिवेश से नारी चरित्रों का अनुशीलन कर कहानी एवंम उपन्यासों के माध्यम से समाज के सामने उसके अस्तित्व की महत्ता को स्थापित किया हैं